begin the meeting And catch up
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मीटिंग शुरू हुई।
सब अपनी अपनी जगह पर बैठे थे।
निधि और रोजर्स एक दूसरे के सामने बैठे थे तो बाकी आए पदाधिकारी उनके अगल-बगल तशरीफ़ रखे हुए थे।
बीच बीच में रुक रुक कर रोजर्स की नजर निधि की ओर जा रही थी हालांकि वह सामने थी पर फिर भी रोजर्स उससे नजरें चुराने की कोशिश कर रहा था और आई कांटेक्ट से बच रहा था। रोजर्स का दिमाग इस वक्त निधि को लेकर कम पर इस बात के बारे में ज्यादा सोच रहा था कि निधि को पता कैसे चला मैं कल रात कहां था ??
विलियमसन, वह इस मीटिंग में आगे ही आगे खड़े थे, एक बड़ी सी कंप्यूटर स्क्रीन के पास। उनके हाथ में एक लंबी स्टिक थी जिसे वह स्क्रीन के ऊपर अलग अलग जगह पर रख रहे थे। स्टिक के रखने के साथ ही स्क्रीन के दृश्य भी चेंज हो रहे थे। काफी सारे दृश्य चेंज करने के बाद वह एक दृश्य पर रुके और उन्होंने बोलना शुरू किया।
" लेडीस एंड जेंटलमेन, जरा ध्यान दीजिए। मैं आपको पूरी घटना शुरू से और विस्तार से बताने वाला हूं। वैसे तो इस घटना के बारे में हर कोई जानता है पर फिर भी कुछ चीजों पर बारीकी से नजर डालना आवश्यक हैं।"
"यह घटना 25 दिसंबर की है। एक ट्रेन 110 किलोमीटर पर हौर की स्पीड से न्यूयॉर्क के क्षेत्र की ओर जा रही थी।"
जैसे जैसे वह बोल रहे थे वैसे वैसे स्क्रीन पर ट्रेन की वीडियो और दृश्य भी दिख रहे थे।
" सबसे पहले ट्रेन में कुछ हलचल हुई। यात्रियों का कहना है कि लाइट जगने बुझने लगी और ट्रेन की स्पीड भी एकदम से बढ़ गई। लोग डरे हुए थे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था वह क्या करें क्या नहीं। अचानक इसके बाद सब कुछ सही हो गया। ट्रेन एक स्टेशन से जाकर अगले स्टेशन पर रूकी और यात्रियों को नीचे उतारा गया। कुछ कर्मचारी अंदर गए और उन्होंने देखा कि वहां ट्रेन के डब्बे में एक लाश पड़ी थी। इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच ने यही बताया कि उसके मरने का कारण किसी तरह का हार्ट अटैक था। मतलब साफ साफ शब्दों में कहा जाए तो इस बात का एक भी सुराग नहीं मिला कि उसका कत्ल हुआ है। लेकिन उसकी पत्नी वह पहली ऐसी शख्स थी जिसने उस पूरे घटना को कत्ल से जोड़ दिया। अब आप बताओ??"
विलियमसन ने मीटिंग में आए लोगों की तरफ अपना ईशारा किया। मीटिंग में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति जो दूसरी जांच एजेंसी का सदस्य था वह उठा और बोला।
"मुझे तो यह पानी की तरह साफ लग रही है। अब इतने सारे लोगों ने देखा है तो कोई छोटी गड़बड़ होती तो पता लग जाता"
" आपका कहना बिल्कुल सही है पर बिना सबूतों के हम कुछ भी नहीं कह सकते" मीटिंग में आया दूसरा व्यक्ति बोला।
"मैंने इस इलाके को कल नजदीक से देखा था" रोजर्स खड़ा हुआ और बीच में ही बोलने लगा।
"ओ सच में" इसी बीच निधी भी बोल पड़ी।"पर कल रात......" इसके बाद वह चुप हो गयी।
"हां कल मैं...... बारिश से पहले...वहीं था" रोजर्स थोड़ा सा हड़बड़ाया। एक तरह से वह निधि वाली बात को टालने की कोशिश कर रहा था" वहां ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे इस केस में आगे बढ़ा जा सके.... सिवाए इस बात की वो अपनी पिछले जिंदगी में चार रिसर्च कंपनियों में एक साथ काम करता था। हालांकि ऐसी चीज कभी देखने को नहीं मिली लेकिन अगर हम चारों कंपनी से बात करें तो क्या पता कोई सुराग मिल जाए। हमें बस एक कड़ी ही चाहिए उसके बाद केस पूरा का पूरा खोल देंगे"
जब रोजर्स अपनी बात बोल रहा था निधि ने टेबल पर पड़ा लैपटॉप उठा उस पर अपने हाथ चलाना शुरू कर दिए थे।
"रॉयल बटालियंस, aj2 फ्यूचर, मेक मी अपग्रेड और द अमेरिका स्टेट.. क्या उन कंपनियों के नाम यही है" निधि ने तुरंत जवाब दिया।
"यह सब तो विश्व की जानी-मानी संस्थाएं हैं" विलियमसन बोला।
"हो सकता है इनमें से किसी का इसमें हाथ हो"रोजर्स ने जवाब दिया।
"यह संभव नहीं"निधि बोली" अगर इस संस्था को शामिल होना होता तो वह ऐसे काम ना करती। वह इससे कुछ बड़ा भी कर सकती थी। वैसे भी यह संस्थाएं इतनी फेमस हैं कि डायरेक्ट या इनडायरेक्ट यह किसी भी कत्ल में शामिल नहीं हो सकती'
"हो सकता है इन कंपनियों में काम कर रहा कोई आदमी इसमें शामिल हो"रोजेस बोला।
"हां यह हो सकता है" निधि ने जवाब दिया।
"हमें बस उसी आदमी को ढूंढना है" रोजर्स उठा और फटाक से बोला पर बीच में ही विलियमसन ने उसे टोक दिया।
"अरे रुको बेटा इतनी भी जल्दी क्या है! तुम अभी बैठो आराम से"इसके बाद उसने निधि की तरफ देखा"निधि!! मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि तुम इस केस के बारे में कुछ बताना चाहती हो पर बता नहीं रही"
"नहीं सर!! ऐसा कुछ नहीं, मैं बस एक बार घटनास्थल का मुआयना करना चाहती थी और उसकी बीवी से भी बात करनी है"
"हां क्यों नहीं!! हमारे आदमी तुम्हें घटनास्थल तक ले जाएंगे और तुम्हारी मुलाकात उसकी बीवी से भी करवा देंगे"
"अरे वहां कुछ नहीं है, मैं उस जगह को अच्छे से देख चुका हूं" रोजर्स ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। "तुम मेरे साथ चलो हम उस आदमी को ढूंढते जो इन चारो कंपनी में से किसी एक कंपनी में है"
"शांत रहो रोजर्स" विलियम्स ने फिर दोबारा रोजर्स को शांत रहने के लिए कहा।।"निधि पहले तुम घटनास्थल का मुआयना करो क्या पता तुम्हें वहां से कुछ खास मिल जाए"
"जी सर!!!" निधि ने जवाब दिया।
"और किसी को कुछ कहना है?"
"नहीं!! मीटिंग के बाकी सदस्य बोले"
"तो ठीक है यह मीटिंग यहीं खत्म होती है, निधि तुम घटना स्थल का मुआयना करोगी। रोजर्स!! तुम और सेजो दोनों इन चारों कंपनीयों से पूछताछ कर पता लगाओ"
"ठीक है सर" रोजर्स बोला।
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ठीक 9:00 बजे के आसपास निधि नाश्ता कर बाहर की और निकल चुकी थी। वही गाड़ी और वही रास्ता। निधि के ड्राइवर ने गाड़ी को मुख्य सड़क पर ले लिया और उसे निश्चित गति से आगे बढ़ाने लगा। वहीं दूसरी ओर रोजर्स और सेजो भी अपने कार्य के लिए निकल चुके थे।
गाड़ी का ड्राइवर स्पेस एकेडमी का सदस्य था पर उसकी उम्र काफी थी। लगभग 60 साल के आसपास। निधि ने उससे बोल चाल शुरू की।
"क्या तुम यही के हो?" निधि को पता था कि ड्राइवर यहीं का है पर फिर भी उसने यह सवाल पूछा क्योंकि उसे बातचीत शुरू करनी थी और बातचीत शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आपको पता हो या ना हो, पर पूछ लो।
"जी मैडम , मैं यही का हुं" ड्राइवर ने टूटी-फूटी हिंदी में जवाब दिया।
"तुम्हारी हिंदी तो बड़ी अच्छी है, इतनी अच्छी हिंदी कैसे बोल लेते हो"
"जी मेम अब सारा दिन इंडियन लोगों के साथ काम करूंगा तो हिंदी तो सीख लूंगा ही"
"अच्छा है!! वैसे क्या तुमने इस ट्रेन वाली घटना के बारे में सुना है" निधि ने अपनी बातचीत को ट्रेन वाली घटना की ओर मोड़ा। वह कुछ तथ्य जुटाना चाहती थी जिसका सबसे अच्छा तरीका फिलहाल तो उसके लिए यह ड्राइवर ही था।
"क्या बात कर रही है मैम, इस घटना के बारे में तो काफी लोग जानते है। इसके पीछे किसी का हाथ नहीं और यह बात में पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं"
"अओह , और तुम्हें कैसे पता इसके पीछे किसी का हाथ नहीं"
"क्योंकि ऐसा कुछ होता अपराधी अब तक पकड़ा जाता"ड्राइवर ने जवाब दियाड
"आजकल के अपराधी शातिर हो गए हैं, वो अब किसी भी कत्ल को इस तरह से अंजाम देते हैं कि कोई यह भी पता ना लगा पाए कि उसका कत्ल हुआ है या फिर मौत। जब तक चीजों को अच्छे से देख ना लिया जाए तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता" निधि ने एक लंबी सांस ली और अपनी बात वहीं खत्म कर दी। वह जानती थी कि इसके आगे बात करने का कोई फायदा नहीं है। इस आदमी से उसे सिर्फ इसी प्रकार की चीजों का पता चलेगा जो फिलहाल उसके लिए काम की नहीं।
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दूसरी ओर रोजर्स रोयल बटालियंस पहुंच चुका था जो उन संस्थाओं में से एक की जिसके पास सतीश विजयवर्गीय काम करता था। रोजर्स अपनी आदत के अनुरूप आसपास की लड़कियों को घूरते हुए साथ में सीटी बजाते हुए और मवालीयो वाली चाल चलते हुए सीधे ऑफिस में गया।
" और भाई क्या हाल-चाल है, ऑफिस तो बड़ा चमका रखा है तुमने, कौन सा डिटर्जेंट यूज करते हो??" जाते ही रोजर्स वहां के बॉस से बोला।
"वट, आई कांट अंडरस्टैंड एनीथिंग बिकॉज आई डोंट नो हिंदी"
"लो साले टकले को हिंदी नहीं आती" संस्था का बॉस टकला था जिस वजह से रोजर्स ने उस पर तंज कसा वह भी हिंदी में। "डूब मर कहीं जाकर"
"व्हाट यू वांट टू आस्क"संस्था के बॉस ने बड़े अजीब ढंग का मुंह बनाते हुए पूछा।
"ओके डन लिसन, आई एम फ्रॉम स्पेस अकैडमी एंड आई वांट टू नो , ऐ मैन हूज नेम इज सतीश विजयवर्गीय इजी वर्किंग हेयर"
"नो , इज नॉट वर्किंग, ही वाज वर्किंग। ई लेफ्ट माय जॉब 3 डे विफोर"
"आर यू सुयर"
"यस, यू कैन चेक अयूर कंपनी रिपोर्ट"
"ओके गिव मी टू इट"
रोजर्स ने कंपनी के कुछ कागजात और डॉक्यूमेंट लिए और उसे सेजो को दिया। "लो इसे बैग में रख लो, स्पेस अकैडमी जाकर इसकी जांच करेंगे"
इसके बाद दोनों वहां से निकल गए। निकलते वक्त काउंटर पर उनके सामने एक खूबसूरत फीमेल गर्ल्स खड़ी थी जिसके जाते-जाते रोजर्स नंबर ले गया।" बाय स्वीटहार्ट, नाइट को मिलते हैं" और फिर इसके बाद दोनों दूसरी कंपनी के लिए रवाना हो गए।
इधर निधि घटना स्थल पर पहुंच चुकी थी। घटनास्थल पर वही के वही दृश्य उसके सामने थे जो कल रात रोजर्स को दिखे थे पर निधि के देखने का नजरिया अलग था और रोजर्स का अलग। बारिश का पानी अब सूख चुका था। पानी की सैलाब ही बाकी थी।
कार से नीचे उतर निधि ने एक काला चश्मा अपनी आंखों पर लगाया जो कोई आम चश्मा नहीं था। यह चश्मा आंखों को धूप से बचाने के साथ-साथ आसपास की जगहों को स्कैन करने के काम भी आता था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह एडवांस चश्मा था जो नई टेक्नोलॉजी मे अब ज्यादा चलता नहीं। आज से 50-60 ( 2070-80) साल पहले भी इस चश्मे को उपयोग होता था और अब भी होता है पर बहुत कम। चश्मे में आसपास की जगहों का एक्सरे विजन साफ दिख रहा था और कुछ इंपोर्टेंट जगह पीले रंग में हाईलाइट भी हो रही थी। उंगलियों के निशान पैरों के कदमों के निशान इत्यादि भी चश्मे में हाईलाइट हो रहे थे और पीले रंग के दिखाई दे रहे थे। चश्मे की वजह से तेज धूप का दृश्य भी हरे रंग का दिखाई दे रहा था जो बिल्कुल वैसा ही था जैसा रात को नाइट लेंस लगाने के बाद दिखाई देता है।
निधि ने इसके बाद चश्मे को उतारा और उन हाइलाइटेड जगहों की ओर रुख किया। इस दौरान सबसे पहले वह उसी जगह पर गई जहां पर ट्रेन की चद्दर पर कई सारी उंगलियां के निशान बने हुए थे। निधि ने उन निशानों को हाथों से छुआ और फिर अपनी उंगलियों को छूकर देखा।
"बहुत पुराने हो चुके हैं यह तो" इसके बाद वह पीछे की ओर मुड़ी और उसने उस जगह की ओर नजर दौड़ाई जहां पर कभी लाश पड़ी थी।
उस जगह पर जाकर निधि कुछ देर तक उसे वैसे का वैसा ही देखती रही। काफी देर देखने के बाद वह दाएं और घुमी और उसके पास की सीट को देखने लगी।
तभी उसके फोन पर एक मैसेज आया। उस मैसेज में सतीश विजयवर्गीय की पत्नी का एड्रेस था। निधि ने वह मैसेज देखा और वहां से खड़ी होकर वापस ड्राइवर की तरफ चल दी।
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रोजर्स कंपनी मेक मी अपग्रेड पहुंच चुका था। इसके बाद एक और कंपनी की जांच करना बाकी थी। दूसरी कंपनी की जांच में भी वह कुछ जरूरी दस्तावेज लेकर आ गया था।
इस कंपनी के बॉस काफी व्यस्त आदमी था जिस वजह से रोजर्स और उसके दोस्त को बाहर सोफे पर बैठकर वेट करना पड़ा। दोनों सोफे पर बैठे ईधर-उधर ताका झांकी कर रहे थे।
"सेजो" रोजर्स ने अपने पास बेठैं अपने दोस्त को बुलाया।
"हां बोल " सेजो ने जवाब दिया
"यार गड़बड़ हो गई"
"क्यों?? अब तुमने क्या कर दिया" सेजो अचानक से चौंक गया था।
"वह अपनी न्यू एजेंट है ना निधि वह तो एक नंबर की कमीनी निकली" रोजर्स धीरे से बोला।
"काहे रे"
"यार मैंने इतना ध्यान रखा, सबुत के नाम पर सुई की एक नोक तक नहीं छोड़ी, पर फिर भी पता नहीं उसे कैसे पता चल गया मैं कल रात कहा था"
सेजो ने अपनी आंखें बड़ी की "क्या सच में वह जानती हैं"
"हां यार, उसे पता लग गया मैं कल रात लड़की के साथ इलू इलू ...."
"बाप रे मतलब वह तो बहुत होशियार खोपड़ी है"
"हां यार साला बच के रहना पड़ेगा उस से , पर सोचने वाली बात है उसे पता कैसे चला। मैं भी एक जासूस हूं मुझे पता है एक जासूस की नजर कहां कहां तक जा सकती हैं। मैंने उन सभी सबूतों को छिपा दिया पर फिर भी उसने ढूंढ लिया पता नहीं वह कौन सी बारिक कड़ी थी जो उसे मुझ में दिख गई"
"अगर ऐसा है तो वह उस जगह से भी कुछ ढूंढ लेगी जहां वह अभी जांच करने गई" सेजो ने अनुमान लगाया।
"हां , हो सकता है पर मुझे नहीं लगता उसे वहां से कुछ मिलेगा क्योंकि मैंने मतलब हमने कल रात उस जगह को अच्छे से देखा था"
"तुम ऊपर ऊपर से चीजों को देखते हो या फिर बारिक से भी देखते हो तो ज्यादा बारिक से, पर मुझे लग रहा है कि निधि तो बारिक से भी नीचे जाकर देखती है माइक्रो लेवल पर!! क्योंकि जिस तरह से उसने तुम्हारा राज पता लगाया उस हिसाब से तो वह कुछ भी कर सकती है।"
"साला मुझे तो लगता है वह तो माइक्रो से भी नीचे जाती होगी एटम वटम को चाट मारती होगी!! हाहाहा" रोजर्स ने मजाकिया वाले अंदाज में कहा।
थोड़ी ही देर बाद अंदर से एक लड़की बाहर आई और उसने दोनों को अंदर जाने के लिए कहा जिसके बाद रोजर्स और उसका दोस्त दोनों ऑफिस के अंदर की ओर चल गए और उन्होंने वहां बातचीत शुरू कर दी।

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