अमेरिका से साइंटिस्ट जार्ज इरविन का किडनैप होना
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U.S.A.
संयुक्त राष्ट्र संघ अमेरिका।
एक बड़े हॉल में अति प्रभावशाली लोगों का भारी जमावड़ा था। सभी जाने-माने देशों के प्रतिष्ठित नागरिक लग रहे थे। मौजूद लोगों की उम्र तकरीबन 25 से लेकर 70 साल के बीच बीच होगी। महिलाओं की संख्या पुरुषों के तुलना मैं आधी थी। हॉल के सामने एक लंबा केबिन बना हुआ था जिस पर 9 लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। इस केबिन के सामने दूसरे छोटे-छोटे कैबिन बने हुए थे जहां एक एक व्यक्ति बैठ सकता था। ऐसे तकरीबन 216 छोटे केबिन थे। कुल मिलाकर हॉल में बैठने वाले लोगों की संख्या 225 थी। यह 225 सदस्य विभिन्न देशों के विशिष्ट नागरिक, वहां के जाने माने वैज्ञानिक, सलाहकार इत्यादि हैं। इन्हें महान राष्ट्र संघ में अपने विचारों को रखने के लिए प्रतिवर्ष अमेरिका भेजा जाता है। आज कुछ इसी तरह का समारोह है जहां यह लोग अलग-अलग अपने विचार रखेंगे।
हाॅल के ऊपर लगी घड़ी में 9:00 बजे का इशारा हुआ और सब लोग एक-एक कर अपनी-अपनी जगह पर बैठने लगे।काफी सारे प्रभावशाली लोगों में एक खास तरह का व्यक्ति भी नजर आ रहा था, जिसकी चश्मा सभी के लिए आकर्षण का केंद्र था। उस चश्मे का एक सीसा काफी छोटा और एक शीशा काफी ज्यादा बड़ा था। ऐसी चश्में दुनिया में किसी को लगे हुए शायद ही देखने को मिले। उस शख्सियत जिस के चश्मे का आकार छोटा बड़ा था, उसने नीले रंग का कोट पेंट और सफेद जूते पहन रखे थे। उम्र तकरीबन 50 साल के आसपास होगी। इस उम्र का अंदाजा उसके चेहरे से तो नहीं लगता, पर दाढ़ी देखकर लगाया जा सकता था। मुंह में एक पाइप थी जिसके दूसरे छोर पर पेन की निब लगी हुई थी। शायद यह एक खास तरह का पेन था जिसे उस शख्स को मुंह में लेने की आदत थी।
अचानक उसके बगल एक हसीन औरत उसके कान में फुसफुसाई "जार्ज इर्विन, मैं आपकी कला की बहुत बड़ी फैन हूं"
जॉर्ज इरविन, उस शख्स का नाम जार्ज इरविन था। वह उस हसीन औरत की तरफ मुड़ा और ऊपर से लेकर नीचे तक उसे पूरी तरह से देखा। उसकी उम्र तकरीबन 25 साल के आसपास होगी, शरीर आकर्षित था और मन लुभाने वाला भी, कपड़े भी अजीब तरह के पहन रखे थें। एक नजर जांच करने के बाद जार्ज इरविन उसके करीब आया और कानों में बोला “बड़ी फैन हो तो बताओ, तुम मेरे लिए क्या कुछ कर सकती हो??"
औरत खिलखिला कर हंस दी। थोड़ी अजीब हंसी थी पर इस पर कौन ध्यान दे रहा है। उसने बड़े ही नाजुक तरीके से कहा"कुछ भी" फिर रुकी और दोबारा बोली "कुछ भी मतलब कुछ भी!!"
जार्ज इरविन के चेहरे पर एक मुस्कुराहट आ गई "अच्छा तो आज रात को 9:00...सेकिना होटल, कमरा नंबर 302"
औरत फिर खिलखिलाकर हंसी। "मुझे खुशी होगी,जनाब"
"मुझे भी" जार्ज इरविन ने कहा और अपना पूरा ध्यान सामने की तरफ लगा लिया। सामने की सारी कुर्सियां भर चुकी थी।
बड़े केबिन में 9 लोगों के समूह में से एक व्यक्ति ने मैज खटखटाया और कहा "इस साल सभी देश आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, ऐसे में संयुक्त राष्ट्र संघ के बैंक ने फैसला किया है कि वह किसी को भी अतिरिक्त ऋण नहीं देगा। तमाम खर्चे कम किए जाएंगे और देशों से उनका पैसा वसूला जाएगा।"
यह सुनते ही सब में कानाफूसी होने लगी।
"इतना ही नहीं, समंदर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से बाहर तेल के समस्त भंडार अब संयुक्त राष्ट्र संघ के अंडर में रहेंगे। वहां से तेल का निर्यात और आयात रोका जाएगा। तेल की उन भंडारों का अब तभी इस्तेमाल किया जाएगा जब देश आर्थिक तंगी से बाहर आ जाएंगे। तमाम वैज्ञानिक प्रशिक्षण और प्रयोगों के लिए भी किसी तरह की राशि नहीं दी जाएगी"
अचानक प्रशिक्षण का नाम सुनते ही जार्ज इरविन कि हाथ पैर लड़खड़ा गए। वह तुरंत खडा हुआ और बीच में ही बोल पड़ा। 'माफ करनामाफ करना जनाब, मैं यहां अपने वैज्ञानिक प्रशिक्षण के मुद्दे को लेकर आया था। मुझे एक बहुत बड़ा एक्सपेरिमेंट करना है जिसके लिए काफी सारी रकम चाहिए"
9 लोगों के समूह वाले उस व्यक्ति ने उसकी तरफ उंगली की और कहा"आपने सुना नहीं, मैंने अभी-अभी क्या कहा…. संयुक्त राष्ट्रीय संघ अब किसी भी वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए रकम नहीं देगा, वह अब कंगाल हो चुका है... उसके पास इतने पैसे नहीं कि वह आप लोगों की दिक्कतों को हल करें"
"पर जनाब, मेरा यह प्रयोग तमाम तरह की दिक्कतों को दूर कर सकता है"
सामने वाले व्यक्ति ने अपने हाथ जोड़ दिए "माफ करें,पिछले कई सालों से इन वैज्ञानिक प्रयोगों ने हमें बर्बाद करके रख दिया है। अब हम कोई खतरा नहीं उठाएंगे। उत्तरी देशों में अकाल और पश्चिम देशों की भुखमरी ने विश्व की हालात को बदतर कर दिया है। पूर्वी देश अंदरूनी जंग से गुजर रहे हैं और दक्षिण देश बाढ़ के चपेट में आ रखे है। इन बदलते हालातों में अब संयुक्त राष्ट्रीय संघ को भविष्य के लिए भी कुछ बचाना होगा। अन्यथा एक दिन पूरी आबादी खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगी और हम हाथ पर हाथ रख इसे देखते रहेंगे।"
जार्ज इरविन अपनी बात को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट था। उसने दोबारा एक अंतिम कोशिश की "पर जनाब, अगर आप एक बार मेरी बात सुन ले और अगर इस पर कोई राय लें तो शायद हो सकता है हम इस खतरे को आसानी से दूसरी दिशा में मोड़ सके।"
"नहीं, हमें कोई बात नहीं सुननी" उस आदमी ने अपना ध्यान हटाकर दूसरी तरफ कर लिया जहां और लोग अपने इसी तरह के विचार भारी भरकम शोर के अंदर रख रहे थे।
जार्ज इरविन जवाब सुनने के बाद वहीं बैठ गया और लंबी लंबी सांसे लेने लगा। पास की औरत ने उसे झकझोरा "आप घबराएं नहीं,महान लार्ड, सब ठीक हो जाएगा"
जार्ज इरविन औरत की यह अटपटी सी बात सुन गुस्से से भड़क उठा "तुम चुप रहो पागल औरत, तुम इस बात को नहीं समझ सकती" इसके बाद वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और बाहर की तरफ चला गया।
बाहर जाने के बाद जार्ज इरविन ने टैक्सी पकड़ी और उसे होटल जाने को कहा। औरत भी उसके पीछे पीछे हो गई। वह भी एक टैक्सी पकड़कर उसका पीछा करने लगी। जार्ज इरविन की टैक्सी एक होटल के सामने रुकी। वह टेक्सी से उतरा और किराया देने के बाद तेजी से कमरे की ओर चला गया।
इसके ठीक बाद उसका पीछा कर रही औरत भी वहां पहुंची। वह भी किराया देकर उसके पीछे-पीछे चली गई।
कमरे में पहुंचते ही जॉर्ज इरविन ने अपनी समान गुस्से में बेड पर पटक दिया "इन लोगों की तो मैं ऐसी तैसी कर दूंगा, उन्होंने मेरे प्रयोग को बिना सुने... इतनी बड़ी बेइज्जती.... मैं बर्बाद कर दूंगा सबको"
अचानक उसके कमरे का दरवाजा खुला और पीछा कर रही औरत ने अंदर दस्तक दी। अंदर आते वक्त वह रास्ते में ही एक-एक कर अपने कपड़े उतार रही थी। दरवाजे से लेकर साइंटिस्ट तक पहुंचते-पहुंचते वह पूरी तरह से निर्वस्त्र हो गई। "मैंने कहा ना आप चिंता मत करें, आपके पैसों का इंतजाम हो जाएगा। ….. चाहे कुछ भी हो जाए हम आपके एक्सपेरिमेंट को कामयाब करके ही रहेंगे"
"पर तुम हो कौन"जॉर्ज इरविन ने अपना अजीबोगरीब चश्मा उतारते हुए उससे पूछा।
औरत ने उसे कोई जवाब नहीं दिया, सिर्फ इतना कहा "यह जानना जरूरी नहीं" इसके बाद उसे धक्का मार कर बेड पर गिरा दिया।
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इस कमरे के बगल में तीन कमरों की दूरी पर कुछ आदमी इस पूरे दृश्य को कैमरे से देख रहे थे। कमरे में तकरीबन 7 से 8 आदमी थे। तमाम आदमियों की दाढ़ी बड़ी-बड़ी और सफेद रंग की थी, देखने में किसी बगदादी आंतकवादी का समूह लग रहा था।
उन आदमियों में से एक आदमी कैमरे में इस दृश्य को देखते हुए बोला। "शिकार को हरी घास मिल चुकी है, अब उसे पिंजरे में डालने की तैयारी करो... यह पागल सा साइंटिस्ट अब हमारी तकदीर बदलेगा…विज्ञान की ताकत अपरंपार है, यह परम पिता परमात्मा को भी मात दे सकती है"
सब लोग उसकी यह बात सुनकर एक शैतानी हंसी हंसने लगे।
उस व्यक्ति ने एक सेटेलाइट फोन निकाला और किसी से बात करने लगा "काम तो बहुत अच्छे से हुआ है जनाब, हमारी जानेमन ने उसे अपने जाल में बुरी तरह से फंसा दिया है, ऊपर से उसे पैसों का लालच भी दे दिया।; नहीं नहीं, किसी बात की फ़िक्र ना करें, सब सही है; जरूर जरूर, हम देशों की आर्थिक मंदी का फायदा अपने लिए उठाएंगे; माशा अल्लाह; जल्द ही उसे सिरिया लाने की तैयारी करते हैं;आमीन"
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