वोक्सवर शहर
शाम का वक्त था । सूर्य दिन के आखरी पहर में ढलता हुआ पश्चिम के छोर पर खड़ा था । पास के एक पहाड़ी इलाके में बारिश की वजह से आवा-जाही आज बंद थी जिस वजह से सारे वाहनों का शोरगुल इसी ओर खींचा आ रहा था ।
शहर का एक जाना माना रेस्टोरेंट
रेस्टोरेंट में आज भीड़ पहले से कुछ ज्यादा ही थी । ऊपर और नीचे की मंजिल के सभी बैंचस लोगों से भरे हुए थे पर तीसरी मंजिल पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था । वह सिवाय एक लड़की के और कोई नहीं दिखाई दे रहा था ।

यह निधि थी जिसने काले रंग का लंबा नेक-लेस गाउन पहन रखा था । उसके शरीर के हाव - भाव देख यह साफ पता लग रहा था कि वह किसी का इंतजार कर रही है ।
इधर उधर ताकते हुए उसने अपने गले का हार ठीक किया और मेकअप बॉक्स खोल खुद को थोड़ा सा ओर संवारा । हल्की लालिमा वाले उसके गोरे गाल ऐसे लग रहे हे मानो किसी ने मक्खन में चुटकी भर सिंदूर मिला दिया हो । लड़की ने बालों को एक नई डिजाइनदार झुड़े का रूप दे रखा था जिस में फंसी काले रंग की लंबी सीक उस पर चार चांद लगा रही है ।
गाऊन को संभालते हुए निधि ने पास रखी अटैची को थोड़ा पीछे खिसकाया और ' अंह ' खगारते हुए इधर उधर देखा ।
' जी ..मेम... ' निधी के कानों में लगे माइक्रो स्पीकर से आवाज आई ।
' क्या बात है..... वो अभी तक आए नहीं ' निधी ने धीमे से नीचे देखते हुए कहा ।
मेम.. बस कुछ देर और ...वो लोग आते ही होंगे
शीशे की दीवारों से बाहर तो सुन्दर परिदृश्य साफ दिखाई दे रहा था । ढलती शाम में शहर की जगमगाती लाइटों की लगातार बढ़ती रोशनी और वाहनों की आवा-जाही सब शीशे की दीवार से साफ देखा जा सकता था । रेस्टोरेंट की तीसरी मंजिल के ठीक नीचे एक स्विमिंग पुल बना हुआ था जिसके दाईं और गाड़ियों की पार्किंग थी । उन्हीं गाड़ियों में से एक गाड़ी में स्पेस अकैडमी के कुछ एजेंट बैठे थे जो लगातार निधि से संपर्क बनाए हुए थे ।
निधि ने फिर से खगांरा ' अहहं '
' जी मेम '
' मुझे एक ग्लास पानी चाहिए '
' जी मैम अभी भेजते हैं '
' सुनो रेस्टोरेंट में वेटर बने हमारे आदमियों में से एक आदमी को मेम के लिए पानी लेकर जाने के लिए कहो '
एक लंबी सांस लेकर निधि टकटकी लगा इधर उधर की चीजों को देखने लगी । कमरे में पूरी तरह से शांति थी । सामने दीवार पर एक खूबसूरत लड़की की पेंटिंग टंगी थी जो किसी के आने का इंतजार कर रही हुई थी। निधि उस पेंटिंग को देख मुस्कुरा दी ' हा हा ...क्या बकवास है '
अचानक कमरे की शांति को भंग करते हुए एक वेटर अंदर घुसा ।
' मेम ... वाटर '
निधि ने वेटर के चेहरे को देखा और मुस्कुराते हुए पानी का गिलास पकड़ लिया ।
' थैंक्स '
निधि ने पानी का गिलास ले कर बेंच पर रख दिया । वेटर अभी भी वहीं खड़ा था और निधि को घूर रहा था । निधि ने लंबी सांस लेकर वेटर की तरफ देखा ।
' वो लोग कुछ ही देर में यहां पहुंचने वाले हैं ' वेटर ने बिना पूछे ही निधि से कहा और वापिस बाहर निकल गया ।
' यह हमारा आदमी नहीं था ' निधि ने गर्दन पर हाथ फेरे
' क्या मेम '
' निकलो यहां से '
' पर मेम आपको कैसे पता लगा '
' चुपचाप निकलो यहां से .....हम पकड़े जा चुके है। ' निधि ने जोर देते हुए कहा
अचानक काला कोट-पेंट पहने 10-12 आदमी हथियार बंद कमरे में आ घुसे और अलग-अलग जगह पर पोजीशन लेकर खड़े हो गए । सभी आदमियों की शक्ल,लम्बाई- चौड़ाई और पोशाक दिखने में एक जैसी थी ।
निधि की सभी प्रतिक्रियाएं रुकी हुई थी .... शायद उसने चीजों को समझने में देरी कर दी .... पर उसके चेहरे के भाव अभी भी सामान्य थे ... उसने फिर से एक लंबी सांस ली .... और एक पैर पर रखे दूसरे पैर को फिर से सुव्यवस्थित कर, पास रखी अटैची को और पास कर लिया ।
कमरे के अंदर खड़े सभी आदमी हट्टे-कट्टे थे और किसी बड़ी अंडरवर्ल्ड पार्टी के लग रहे थे । कम लाइट वाले कमरे में भी सब के सब काला चश्मा लगा अपनी आंखें निधि पर टिकाए हुए थे ।
दो आदमी गेट पर खड़े अपने बॉस के आने का इंतजार कर रहे थे जिसके बाद आगे का कार्यक्रम होगा । कुछ देर बाद एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति हाथ में वैसे ही अटैची पकड़ कमरे में घुसा जैसी अटैची निधि के पास थी और निधि के पास आकर खड़ा हो गया।

इतराते हुए उसने अपनी आंखों पर लगे चश्मे को ठीक किया और अटैची को टेबल पर रख निधि की तरफ देखा ।
' आपके बारे में जितना सुना था मिस नायरा ... आप तो उससे भी कहीं ज्यादा हंसीन निकली ' अधेड़ उम्र वाले व्यक्ति ने प्यार से अपना हाथ निधि की तरफ बढ़ाया और उससे अपना हाथ उसके हाथ में रखने की गुजारिश की ।
निधि ने उसका निमंत्रण स्वीकार किया और खड़े होकर मुस्कुराते हुए अपना हाथ उसकी और कर दिया ।
अधेड़ उम्र वाले व्यक्ति ने उसके हाथ को भूखे शेर की तरह चुम्मा ।
उम्मा ..उम्मा .... जैसे उसने आज से पहले इतनी सुंदर लड़की कभी नहीं देखी ।
निधि तेजी से अपना हाथ पीछे की ओर खींचती है और अपना गाउन ठीक करते हुए वापिस नीचे बैठ गई।
अधेड़ उम्र वाला व्यक्ति भी उसके सामने बैठ गया।
मैं सुंदर लड़कियों के साथ बहुत नरमी से पेश आता हूं । - अधेड़ उम्र वाले व्यक्ति ने अपनी टाइ संभाली ।
' हां .... वो तो मैं देख ही चुकी हूं ' निधि ने पास रखे नेपकिन पेपर से अपना हाथ साफ करते हुए कहा ।
' मुझे नहीं पता था स्पेस अकैडमी अपनी नाक यहां तक घुसाने लगी है , वह अंडरवर्ल्ड दुनिया से जितना दूर रहेगी... उतना ही उसके लिए भला है ' डॉन ने गंभीर होते कहा । ' और आप क्या खाना पसंद करेंगी ' अगले ही पल डॉन ने पूछा ।
' अगर आपका इरादा सिर्फ जहर देने का है तो कुछ भी चलेगा ' निधि ने आत्मविश्वास से चेहरे पर मुस्कान लाते हुए कहा ....ऐसी मुस्कान जिसे देख कोई भी मंत्रमुग्ध हो उठे ।
' क्या.. मैं कुछ समझा नहीं ' डॉन ने भी उसकी मुस्कुराहट का जवाब अपनी मुस्कुराहट से दिया.. पर उसकी मुस्कुराहट दिखावटी थी ।
' आपके वेटर ने जहरीला पानी सर्व किया है ' निधि ने बड़े ही दिलकश अंदाज से अपने शब्दों को लहराते हुए हवा में छोड़ा .... मानो वह सामने वाले को अपने शब्दों के जाल में फंसाने की कोशिश कर रही है ।
' माफी चाहूंगा जो आपके साथ ऐसा किया गया ' डॉन की लाल आंखें ललचा रही थी पर किसी तरह खुद पर नियंत्रित कर उसने बड़े ही अदब और रईसी अंदाज का परिचय दिया ।
' पर फिर भी .....मैं जानना चाहूंगा आपको पता कैसे चला ... इसमें जहर है ' डॉन ने पूछा ।
' बस Guess (अंदाजा लगाना) किया ' निधि ने गंभीर स्वर में हल्की मुस्कुराहट से जवाब दिया ...निधि अपनी हर बात में हल्की मुस्कुराहट का उपयोग कर रही थी ।
' आह ... दाद देनी पड़ेगी आपकी काबिलियत की... काश यह हमारे लिए होती ... ' डॉन के साथ - साथ बाकी के आदमी भी निधि की तरफ आकर्षित हो रहे थे ।
' ये अभी भी आपकी हो सकती है ' निधि ने कहा
' क्या मतलब ' डॉन ने पूछा
' आप यहां जिस काम के लिए आए हैं क्यों ना उसकी बात की जाए ' निधि ने गंभीरता से कहा । वह अपना हार उतार कर उसके सामने रख देती है जिसके पीछे हेडफोन लगा हुआ था और कान में लगे माइक्रो स्पीकर को भी निकाल देती है ।
' हमारी डील मिस नायरा से थी ...ना कि मिस निधि से ' डॉन ने सहज होते हुए कहा जैसे उसे सब कुछ पता है ।
' आपको डील से मतलब है या नायरा से ' निधि ने बिना रुके कहा
'पर हम तुम पर विश्वास कैसे करें ' डॉन ने सशंय से कहा
' आपको जो चाहिए वो मेरे पास है ' निधि ने नीचे रखी अटैची की तरफ इशारा किया
' और तुम्हारे आदमी - ? '
' इस वक्त आसपास स्पेस अकैडमी का कोई भी आदमी नहीं .....चाहे तो तुम चेक कर सकते हो ' निधि अपने बैठने की स्थिति बदलती है और अपने पैर को घुमा कर अब पहले वाले पैर को नीचे रख लिया।
डॉन ने दो आदमियों को इशारा किया और कहा - देख कर आओ... यह जो भी कह रही है वो सही है क्या .. ।
कुछ देर के लिए कमरे में गंभीरता भर गई । दो आदमी खाना लेकर अंदर आए और टेबल पर रख वापिस बाहर चले गए।
' इस सौदे में तुम क्या चाहती हो ' डॉन खाने को प्लेट में भरता हुआ निधि को भी खाने का इशारा करता है ।
' नायरा को क्या मिल रहा था ' निधि ने आगे बढ़ चावल प्लेट में डालें
' 100 करोड़ कैश और लंदन में एक फ्लैट ' डॉन ने जवाब दिया
' 300 ... actually ... आप उसे ही 300 करोड़ दे रहे थे ' निधि ने चावल खाना शुरू किया ।
' तुम्हें कैसे पता ' डॉन ने भी लेग पीस का एक बटका काटा ।
' बस ... simply ... Guess किया ' निधि फिर से मुस्कुराई
डॉन ने निधि की तरफ देखा वह बेझिझक अपने हाथों से ही चावल खा रही थी और इस दौरान एक बार भी उसने ऊपर की ओर नहीं देखा ।
' तो ... तुम्हें अब कितना चाहिए ' डॉन ने पूछा
' जिंदा छोड़ोगे तो 100 करोड़ .....और अगर मारना है तो ....500 करोड़ ' निधि के अंदाज में कोई परिवर्तन नहीं था, वह अभी भी चावल खा रही थी ।
आसपास के आदमी और डॉन सब हैरान थे ।
' पैसों में इतना अंतर क्यों ' डॉन ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा
' आसान है ... अगर जिंदा रहे तो 100 करोड़ भी बहुत हैं ...और मर गई तो 500 करोड़ भी कम ' निधि मुंह में चावल चबा रही थी । चावल खाते हुए उसने अपना हाथ पानी के गिलास की तरफ बढ़ाया पर बीच में ही रुक गई ।
' ओह...सच ..इसमें तो जहर है ' ... निधि ने अपना हाथ वापस पीछे की तरफ खींचा ।
' क्या आप शुद्ध , बिना जहर वाला , पानी का एक गिलास मंगवा सकते हैं ' निधि ने फिर से मुस्कुराहट दिखाई ।
डॉन ने गेट पर खड़े एक आदमी को इशारा किया जिसके बाद वह पानी का गिलास लेने बाहर निकल गया।
' हम तुम्हें मार कर ... अभी ही सूटकेस ले सकते हैं ... जिसमें तुम्हें ना 100 करोड़ देने पड़ेंगे .....ना 500 ' डॉन ने एक पल रुकते हुए कहा और फिर वापस अपना ध्यान प्लेट की तरफ कर दिया ।
' हां ..पर लॉक!! ..... वो कैसे खोलोगे ...उसे खोलने का तरीका सिर्फ मुझे पता है ' निधि पूरी तरह बेपरवाह थी ।
' हमारे पास हैकर्स की लंबी कतार है ' डॉन इतराया
' जनाब ....इस सूटकेस को स्पेस अकैडमी ने डिजाइन किया है .... शायद अब इसके आगे आपको और कुछ भी कहने की जरूरत नहीं ' निधि इस बार एक पल के लिए ठहरी
' Shit '
निधि ने गाउन संभालते हुए इधर-उधर देखा ।
' क्या हुआ ' डॉन ने पूछा
' वो... मैं अपना रुमाल नीचे भुल आई ' निधि ने चेहरे पर परेशानी के भाव दिखाए
' तुम मेरा रुमाल इस्तेमाल कर सकती हो ' डॉन ने जेब से अपना रुमाल निकाल निधि की ओर किया
' मुझे जहरीली चीजों से एलर्जी है ... ' निधि ने अजीब शक्ल बनाते हुए कहा
' ठीक है ....अब विश्वास नहीं तो क्या कर सकते हैं .. ' डॉन ने रुमाल वापस अपनी जेब में रखा
' नीचे मेरी कार खड़ी हे .....3473 .... सफारी .... लेटेस्ट वर्जन .... अगर आपको ऐतराज ना हो तो क्या मैं वहां से अपना रूमाल ला सकती हूं '
निधि ने चावल वाले जूठे हाथों से डॉन की ओर करते हुए अपनी जगह से खड़े होने की कोशिश की ।
' ना ...! मेरा आदमी जाएगा ' डॉन ने निधि को जाने से मना कर दिया और गेट पर खड़े अपने दूसरे आदमी को इशारा किया । इशारा मिलते ही आदमी रुमाल लेने नीचे चला गया ।
No comments:
Post a Comment