विनम्र का किडनैप हुए साइंटिस्ट को लेकर आना और उसे सीरिया घुमाना
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सीरिया का एयरपोर्ट
तेज धूल भरी आंधियां चल रही थी। दूर दूर तक देखने पर सिवाय रेत के और कुछ नहीं दिख रहा था। यह शहर के बाहर बनी हुई एक जगह थी जहां एक सीधी सड़क जहाजों के उतरने के लिए बनाई गई थी। विनम्र वहां खड़ा अमेरिका से आने वाले जहाज का इंतजार कर रहा था। उसने एक चेक वाली शर्ट और जींस पैंट पहन रखी थी। आंखों पर काले रंग की चश्मा था जो उसे धूप और तेज धूल भरी आंधी, दोनों से बचा रहा था। विनम्र की जीप इस वक्त जहाज उतरने वाली पट्टी के बीचों-बीच खड़ी थी।
जल्द ही आसमान में जहाज के आने की आवाज गूंजने लगी, विनम्र ने गर्दन उठाकर आसमान की तरफ देखा। वहां उसे जहाज नीचे उतरते हुए दिखाई दे रहा था। वह जीप में बैठा और उसे साइड में कर लिया। जल्द ही जहाज रनवे पर उतरा और गति को कम करते करते बिल्कुल विनम्र के पास आ गया।
जहाज में गिनती के 7 से 8 लोग थे। जिनमें एक साइंटिस्ट, औरत और उन्हें पकड़ने वाले लोग शामिल थे। जहाज के रुकने के तुरंत बाद एक के बाद एक सभी आदमी नीचे उतरने लगें।
सबसे पहले साइंटिस्ट नीचे उतरा जिसने अपने साथ उस लड़की को भी पकड़ रखा था जो उसे संयुक्त राष्ट्र संघ की होने वाली सभा में मिली थी। इस ठरकी साइंटिस्ट ने अभी तक उसका हाथ नहीं छोड़ा। उसके बाद बाकी के आदमी एक-एक कर उतरे।
विनम्र ने आगे बढ़कर साइंटिस्ट से हाथ मिलाया और उसे गाड़ी में बैठने के लिए कहा। साइंटिस्ट के साथ-साथ औरत भी गाड़ी में बैठ गई, लेकिन वह आदमी जो उसके साथ आए थे, वह वही खड़े थे। उन्हें लेने के लिए कोई गाड़ी भी नहीं आई थी। यहां सिर्फ एक गाड़ी ही खड़ी थी जो विनम्र लेकर आया था। उन आदमियों का लीडर आगे आया और विनम्र से बोला
"क्या बात है... हमें लेने के लिए कोई गाड़ी नहीं आई"
विनम्र मुस्कुराया और गाड़ी का दरवाजा बंद कर उनकी तरफ मुड़ा "मरने वालों को ले जाने का काम यमराज करता है…. विनम्र नहीं"
"क्या!!" उसके साथ-साथ वहां खड़े बाकी सभी आदमी भी हैरान हो गए "यह तुम क्या कह रहे हो…."
विनम्र ने अपनी पिस्तौल निकाली और उसके सर रखते हुए कहा "कुछ भी नहीं" और फिर चला दी।
सिर्फ एक झटके में ही बंदूक की गोली उसके सर के आर पार हो गई। वहां खड़े बाकी आदमी यह देखकर डर गए और भागने लगे।
वह छह आदमी थे जो अपनी जान बचाकर भाग रहे थे।
विनम्र ने दूर से उन पर निशाना बनाया और एक-एक कर उनकी पीठ पर गोली मारने लगा। गोली लगते ही आदमी मर रहे थे। सभी आदमियों को मारने के बाद उसने अपनी बंदूक वहीं फेंक दी और जेब से एक रिमोट निकाला।
फिर गाड़ी में बैठा और गाड़ी चला कर थोड़ा सा दूर चला गया। पीछे साइंटिस्ट और उसके साथ की औरत दूसरे ही कामों में व्यस्त थे।
विनम्र ने मुड़ कर पीछे देखा और फिर वापस आगे देखने लग गया। रनवे से दूर जाने के बाद विनम्र ने रिमोट का बटन दबा दिया। जिसके बाद एक बड़ा धमाका हुआ और पीछे खड़ा जहाज और पूरा का पूरा रनवे उड़ गया।
"विनम्र कभी कोई सबूत नहीं छोड़ता, सबूत तो दूर की बात उसे कभी वह जगह भी नहीं मिलती जहां वो लोग सबूत ढूंढ़ते हैं" विनम्र ने मुस्कुराकर कहा और गाड़ी के गियर बदलकर उसकी स्पीड खींच ली
अगले 2 घंटे के सफर के बाद विनम्र उन्हें शहर की छोटी-मोटी चीजों की जानकारी दे रहा था। सबसे पहले वह दरगाह के पास गए।
विनम्र ने बताया की यह दरगाह 1100 साल पुरानी है, इसे किसी जमाने में खास चूने पत्थर की मिट्टी से बनाया गया था। कारीगरी इतनी उम्दा थी कि आज भी इसे नुकसान नहीं हुआ।
दरगाह दिखाने के बाद वह उन्हें मार्केट की तरफ ले गया। मार्केट वाली गली से निकलने के बाद उसने वहां की नदी दिखाई। सीरिया में जलवायु भिन्न होने के बावजूद भी यहां का सौंदर्य देखते ही बनता था।
मार्केट दिखाने के बाद वह उन्हें वहां की शॉपिंग मॉल में ले गया। शॉपिंग मॉल में दोनों ने जमकर शॉपिंग की। अब करनी भी थी, उनके कौन से पैसे लग रहे थे। उनका पूरा बिल विनम्र ने दिया।
शॉपिंग करने के बाद अब खाने की बारी थी। विनम्र उन्हें लेकर वहां की सबसे बेस्ट रेस्टोरेंट में गया। रेस्टोरेंट में तकरीबन 2 घंटे का वक्त बिताने के बाद वह बाहर आकर फिल्म देखने चले गए।
विनम्र को ऑर्डर था कि वह इनकी देखभाल और सेवा करें। साइंटिस्ट तो पागल था ही था अब उसके साथ एक और पागल औरत मिल चुकी थी। दोनों ऐसी पागलों वाली हरकतें कर रहे थे कि किसी को भी उनसे चिढ़ हो जाए। लेकिन विनम्र उन दोनों को ही झेल रहा था। उन दोनों को थिएटर में छोड़ कर विनम्र बाहर आ गया और अपने बॉस को फोन मिलाया।
"हेलो सर, यह मुझे कहां फंसा दिया आपने। इनके साथ रह रहकर मैं भी पागल हो जाऊंगा"
सामने से जवाब आया "तुम फिकर मत करो, कल सुबह तक इन लोगों के रहने का इंतजाम हो जाएगा। हम लोग एक एडवांस लैब को चालू कर रहे हैं जिसका काम आज रात को ही खत्म होगा। बस जैसे-तैसे करके इन्हें झेल लो"
"आपको लगता है यह दोनों पागल आपके काम आएंगे"
"हमें उनके पागल होनी से कोई मतलब नहीं, हमें बस उनके एक्सपेरिमेंट चाहिए"
"ठीक है, लेकिन जो भी हो जल्दी करें। कहीं ऐसा ना हो कल सुबह का सूरज निकलने से पहले ही में दोनों का कत्ल कर दूँ"
"हा हा हा" सामने वाले आदमी ने हंसकर उसकी बात पूरी तरह से टाल दी।
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