एयरपोर्ट
रात के 3:35
एयरपोर्ट पर ज्यादा भीड़ नहीं थी। प्रातः काल का समय होने के कारण इसे ही निधि के न्यूयॉर्क जाने के लिए चुना गया ताकि ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी ना हो। निधि ने अभी कुछ देर पहले ही एक बहुत बड़े डॉन को पकड़ा था। इस वजह से उसकी जान को खतरा होना भी लाजमी था। पूरा अंडरवर्ल्ड जगत जानता था कि निधि कितनी खतरनाक जासूस है ऐसे में स्पेस अकैडमी को उसके सुरक्षा की चिंता ज्यादा थी। यही वजह है कि स्पेस अकैडमी द्वारा उस पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा था। हालांकि निधि ने अपनी सुरक्षा की कभी चिंता नहीं की वह हमेशा ऐसे खतरनाक ख़तरे मोल लेती रहती हैं और अपनी सुरक्षा की फिक्र नहीं करती।
कुछ ही देर में स्पेस अकैडमी एक गाड़ी निधि को एयरपोर्ट छोड़ने आई। निधि गाड़ी से उतरी और तेज कदमों से एयरपोर्ट का रूख किया। इस वक्त निधि ने गुलाबी रंग के टॉप के साथ एक ब्लैक जैकेट पहन रखी थी जो उस पर बहुत जच रही थी। आंखों पर सफेद चश्मा लगा हुआ था जो सिर्फ हुलिए को थोड़ा सा बदलने के लिए थे। चेहरे पर हल्का मेकअप था और बाल जुड़े की शक्ल में बंधे हुए थे। निधि को किसी भी तरह का पर्स रखने का शौक नहीं था। इस वजह से उसने हाथ जींस में दबाए हुए थे। थोड़ी देर में उसने एयरपोर्ट में अंदर प्रवेश किया और वहां के टिकट काउंटर पर अपनी टिकट ली। टिकट लेते वक्त उसने अपना नाम निधि ही बताया। उसका केयरटेकर ने एक भारी भरकम बैग वहां के कर्मचारियों को चेक करने के लिए पहले ही दे दिया था, जो कुछ मशीनों से गुजरने के बाद हवाई जहाज में पहुंचा दिए गए।
सारा काम हो चुका था। ठीक 4:00 बजे फ्लाइट थी। सारे यात्री हवाई जहाज में बैठ चुके थे। एक बीप की आवाज के साथ पायलट ने यात्रियों को संबोधित किया और उड़ान भरी। देखते ही देखते जहाज रेनवे पर दौड़ता हुआ उड़ान भयकर गायब हो गया।
Welcome Newyork
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स्थान - न्यूयॉर्क
न्यूयॉर्क और इंडिया के समय के बीच 9 घंटे 30 मिनट का फर्क था। न्यूयॉर्क इंडिया के तुलना में 9 घंटे 30 मिनट पीछे का समय दिखाता था अर्थात अगर इंडिया में शनिवार को शाम का 6:30 का समय है तो उस वक्त न्यूयॉर्क में शनिवार को सुबह के 9:00 बजे होंगे।
न्यूयॉर्क सदियों से अपने अलग अंदाज के लिए जाना गया है। इसकी अपनी खूबसूरती, अपना अंदाज, प्रकृति से गहरा रिश्ता इत्यादि न्यूयॉर्क को विश्व के शानदार शहरों में से एक बनाता है। विश्व की शानदार मूर्तियों में से एक स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी भी न्यूयॉर्क में स्थित है। जनगणना के अनुसार यह अमेरिका के अन्य शहरों की तुलना में सर्वाधिक जनसंख्या रखने वाला शहर है। संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय भी न्यूयॉर्क में स्थित है। इन सब वजहों से किसी भी घटना के लिए न्यूयॉर्क एक खास शहर बन जाता है। न्यूयॉर्क का वैश्विक व्यापार का केंद्र होना भी इसके लिए एक प्लस प्वाइंट है।
न्यूयॉर्क शहर, संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वोत्तर में न्यू यॉर्क राज्य में वॉशिंगटन, डी॰ सी॰ और बोस्टन के बीच लगभग आधे रास्ते में स्थित है। दोनों ही शहर के दो बड़े हिस्सों को कवर करते हैं। बोस्टन को किसी भी आंतकी गतिविधि का गढ़ माना जा सकता है। सरकार विरोधी आंदोलन और विश्व व्यापार के विरोधी मोर्चे की शुरुआत यहीं से हुई थी। ( काल्पनिक, कहानी में होने वाली चीजों को मजबूती देने के लिए आंकड़ों का उपयोग किया गया है) हडसन नदी के मुहाने पर स्थित होने से, जोकि एक स्वाभाविक बंदरगाह की तरह कार्य करता हैं, और फिर अटलांटिक महासागर, ने शहर को एक व्यापारिक बंदरगाह के रूप में महत्वपूर्ण स्थान बना दिया। हडसन नदी पर होने वाली गतिविधियां इसे विश्व के दूसरे मोर्चा से जोड़ती है। गैर कानूनी प्रवासी लोग अक्सर इस रास्ते का उपयोग न्यूयॉर्क में अवैध तरीके से घुसने के लिए करते हैं। अधिकांश न्यूयॉर्क शहर लांग आइलैंड, मैनहट्टन, और स्टेटन द्वीप के तीन द्वीपों को मिला कर बनाया गया है जिस वजह से यहां अलग-अलग संस्कृति का प्रभाव है। धार्मिक सांप्रदायिकता के नाम पर यहां कुछ ही गुट है जो प्रभावी हैं। उन गुटों में सबसे पहला नाम हितेशी गुट का आता है जो पिछले 1000 सालों से कार्यरत है। हितेशी गुट के अलावा एक और धार्मिक ग्रुप यहां कार्यरत है जो प्रवचन समूह के नाम से जाना जाता है। इस समुह का कार्य अपने धर्म का प्रचार प्रसार करना और देश को अंधविश्वास से बचाना है। वैसे आधुनिकता के जमाने में यहां अंधविश्वास का अभिप्राय शैतानी मिथ्या का भ्रम तोड़ना है।
शहर का कुल क्षेत्रफल 468.484 वर्ग मील (1,213.37 किमी२) है, जिसमें 302.643 वर्ग मील (783.84 किमी२) भूमि और 165.841 वर्ग मील (42 9.53 किमी२) जलक्षेत्र शामिल है। अधिकांश जल क्षेत्र पर कृत्रिम शहर के छोटे कस्बे बने हुए हैं जो पानी में ही इधर से उधर तैरते रहते हैं। शहर का उच्चतम बिंदु स्टैटन द्वीप पर टॉड हिल है, जो समुद्र तल से 409.8 फीट (124.9 मीटर) ऊपर है। इसी स्टैटन द्वीप पर स्पेस अकैडमी की शाखां का एक छोटा मुख्यालय है जो न्यूयॉर्क का प्रतिनिधित्व करता है।
इस छोटे मुख्यालय को अचीवमेंट ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है। शॉर्ट में एआई। यह न्यूयॉर्क में होने वाली सुरक्षा गतिविधियों का इंडिया की तरफ से प्रतिनिधित्व करता है। वैसे न्यूयॉर्क में इसकी इतनी साखं नहीं है जितनी कि इंडिया में है पर इसके बावजूद इसने काफी नाम कमाया है और हर एक मसले पर खुलकर सामने आया है। ट्रेन वाले हादसे के मामले में भी इसी जांच एजेंसी ने इस घटना की जांच अपने हाथ संभालने का विचार न्यूयॉर्क के उच्च कार्यालयों को दिया था जिसको सरकार मना नहीं कर सकी। ऊपर से सतीश विजयवर्गीय की पत्नी भी इसकी जांच इंडिया के ही किसी जांच एजेंसी से करवाना चाहती थी। जांच मिलने के बाद इसने अपना संपर्क इंडिया की अपने मुख्य एजेंसी से किया जहां निधि का नाम आगे आया। निधि के लिए यह केस नाक का सवाल भी है। यह नाक का सवाल एओआई और स्पेस अकैडमी के साथ साथ इंडिया की इज्जत का भी है। शायद यह पहला ऐसा मौका है जब जांच एजेंसियों के मामले में इंडिया को अपना हाथ जमाने का मौका मिला है और इसमें भी स्पेस अकैडमी अपनी मुख्य भूमिका में है।
स्पेस अकैडमी के हेड कैप्टन रोड थे तो वही एओआई की भागदौड़ न्यूयॉर्क के रहने वाले एक अधेड़ उम्र के सक्ष विलियमसन के हाथों में थी। विलियमसन 55 साल की उम्र का एक अनुभवी व्यक्ति था जो अपने करिश्माई कार्यों के लिए जाना जाता है। विलियमसन इससे पहले एक वकील था जिसके इतिहास में एक भी केस ना हारने का रिकॉर्ड दर्ज है। उसका एक 22 साल का ओवर स्मार्ट लड़का रोज़वर्ड विलियमसन भी था जो अपने आप को रोजर्स नाम से बुलाता है। विलियमसन की शादी एक हिंदुस्तानी लड़की से हुई थी जिस वजह से उसे टूटी-फूटी हिंदी भी आती थी पर रोजर्स का हाथ हिंदी में काफी अच्छा था। कारों का शौक रखने वाला रोजर्स भी एआई स्पेस अकैडमी ( एओआई स्पेस अकैडमी इसलिए क्योंकि एओआई स्पेस अकेडमी की एक ब्रांच है। आप दोनों को अलग अलग ना समझे इसलिए दोनों का एक साथ नाम ले रहा हूं ) का एक मुख्य एजेंट था।
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फिलहाल इस वक्त इंडिया में सुबह के 6:00 बज रहे थे तो वहीं न्यूयॉर्क में शाम का 8:30 का समय था। इंडिया में जहां सुबह की हलचल शुरू हो रही थी तो वहीं न्यूयॉर्क की गलियों में भीड़-भाड़ का माहौल था। शहर की हर एक बड़ी इमारत रोशनी से जगमगा रही थी। सड़कों पर गाड़ियां चीटियों की तरह एक दूसरे से गुफ्तगू कर रही थी। लोग एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने का रुख कर रहे थे। ऐसे में स्पेस एकेडमी का एओआई ऑफिस भी इससे अछूता नहीं रह सकता था।
एओआई ऑफिस
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एक चार मंजिला बिल्डिंग, बिल्डिंग शानदार थी और आधुनिकता का परिचय दे रही थी। छत पर हेलीपैड बना हुआ था तो आसपास कांच की दीवार। दीवारों के पास ही कुछ स्टैंड गन गढी हुई थी जो बाहर से होने वाले अटैक को रोकने के लिए थी। चारों तरफ कड़ी सुरक्षा थी। यह आंतकी प्रभावी इलाका था तो कभी भी किसी भी तरह के खुफिया हमले होने की अंदेशा रहती है। इस वजह से हर समय इस तरह के हमले से निपटने के लिए जबरदस्त बंदोबस्त हैं। इसके अतिरिक्त इस एरिया के लोग भी स्पेस एकेडमी का विरोध करते थे जिस वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े। बिल्डिंग के बाहर बड़े़े अक्षरों में एआई लिखा हुआ था जिसके नीचे छोट अक्षरों में स्पेस अकैडमी अंकित था।
एक मोटा व्यक्ति अपनी कमर मटकाता हुआ इस इस बिल्डिंग के एक दफ्तर में घुसता है। यह मोटा व्यक्ति विलियमसन ही था। दफ्तर के अंदर जाते ही वह कुर्सी पर विराजमान हुआ और कुछ फाइलें उठाकर देखने लगा। एक दो फाइल देखने के बाद उसने पास लगी एक मशीन के ऊपर का लाल बटन दबाया जिससे घंटी की आवाज़ पास वाले कमरे में बजने लगी।
थोड़ी ही देर में वहां से दौड़ता हुए एक सिपाही ने कमरे में प्रवेश किया और आकर विलियमसन को सेल्यूट ठोका।
" यस सर, आप ने बुलाया!!"
"आसपास के एरिया की क्या खबर है" विलियमसन ने उससे कहा ।
" सर, अभी तक सब सामान्य हैं, किसी तरह की कोई अतिरिक्त गतिविधि नहीं दिख रही। हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।"
" बहुत अच्छे, और क्या खबर है"
" सर कल हमारे आदमियों ने कुछ अपराधियों को पकड़ा है, वह लोग एक नई आतंकी संगठन का हिस्सा है। यह आतंकी संगठन खात्मा_टेरर के नाम से जाना जाता है। उनसे पूछताछ जारी है पर वह कुछ भी बता नहीं रहे।"
"रोजर्स कहां है?? उसे बुलाओ। वह उससे सब उगलवा लेंगा।" विलियमसन का ध्यान अभी भी फाइलों में था।
"सर वो!!" सिपाही एक पल ठिठका।
" वो क्या... कहां है वो??" विलियमसन ने तुरंत पूछा
" सर.....वो"
"अरे बताओ भी दो भाई, आगे भी कुछ बोलो... कहां है वो"विलियमसन ने कड़क अंदाज में कहा।
"सर वो मरीना बीच गए हुए हैं "
"मरीना बीच...!! पागल है क्या वो, क्या मैंने उसे यही संस्कार दिए हैं, यही सब कुछ सिखाया है उसे, उसकी मां नहीं है तो इसका मतलब यह थोड़ी ना है वह जो मन में आए करेगा, किसी काम का नहीं यह लड़का, निकम्मा, आवारा। जल्दी कांटेक्ट करो उससे और उसे यहां पर बुलाओ।"
"जी, जी सर बुलाता हूं" सेहमे हुए सिपाही ने जवाब दिया। आमतौर पर विलियमसन को कभी गुस्सा नहीं आता पर अपने बेटे को लेकर उसकी नाक पर हमेशा गुस्सा ही रहता है। बिगड़ा हुआ बेटा जो था उसका।
"और इंडिया से नयी एजेंट आने वाली थी ना उसका क्या हुआ" विलियमसन ने आगे पूछा।
"सर अभी उसे आने में आधे घंटा और लगेगा, हमने अपने आदमी उसे लेने भेज दिए हैं अगले 1 घंटे तक वह यहां होगी।"
"गुड, सुना है वह एक शानदार एजेंट है। उसके रहने सहने की अच्छे से व्यवस्था कर देना। ध्यान रहे उसे किसी भी तरह की तकलीफ ना हो यहां। बाकी एजेंट है तो खतरों से तो खेलना ही पड़ेगा"
"हां सर मैंने सब कुछ चेक कर लिया है। सभी व्यवस्था अच्छे से हैं"
"ओके, हमें जो नया केस मिला है उसकी शुरूआती जांच शुरू कर दो। बहुत कॉम्प्लिकेटेड केस है इसकी जितनी जानकारी हो उतना बेहतर"
" जी सर हम अपने कुछ ऑफिसर्स को वहां जांच के लिए भेज देते हैं"
"नहीं ऑफिसर्स को मत भेजो, यह बेला निकम्मा रोजर्स किस काम आएगा। उससे कांटेक्ट करो और उसे भेजो वहां।"
"यस सर!!" सिपाही जोरदार सेल्यूट करता है और वहां से चला जाता है।
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मरीना बीच।।
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दिन में ठीक-ठाक रहने वाले इस बीच पर रात को अलग ही माहौल था। लड़के लड़कियों की शानदार पार्टी चल रही थी। नए साल का प्रोग्राम भी पास आने वाला था तो उस वजह से भी भीड़ काफी ज्यादा थी। पार्टी में ज्यादातर कपल दिखाई दे रहे थे। इसी पार्टी के बगल में कुछ दूरी पर 15 से 20 लड़की लड़कियों की भीड़ 2 लोगों को घेरे खड़ी थी। सभी लोग अपना हाथ ऊपर कर हिपिक हिपिक कर रहे थे। हिपिक के साथ एक और नाम गूंज रहा था । होनू ....होनू.... होनू....। भीड़ में एक और कमजोर सा बंदा था जो पूरी भीड़ से अलग हटकर दूसरा ही नाम ले रहा था। वह रोजर्स रोजर्स कर रहा था।
रोजर्स, द डेथ किलर एजेंट
खतरों से खेलना उसका दूसरा शौक था। वह ना डरता था ना डराता था। डेथ किलर एजेंट के नाम से मशहूर रोजर्स अब तक 14 से ज्यादा केसो में मौत को छूकर आ चुका है। दो बार तो वह कोमा में भी रहा और तीन बार आईसीयू में। इसके बावजूद उसकी किस्मत अच्छी थी कि वह अभी तक सही सलामत है। दिखने में स्मार्ट था किसी हीरो की तरह, निडोल शरीर, जो उसके रोज जिम में बिताए जाने वाले 4 घंटे के पसीने को व्यक्त कर रहा था। व्यवहार में लड़की बाज, किसी भी परिस्थिति में लड़कियों पर व्यंग्य करना अथवा तारीफ करना उसकी पैदाइशी आदतन थी। इसके अतिरिक्त किसी भी भावुक अथवा मुश्किल परिस्थिति में भी मजाकिया लहजे को प्रदर्शित करना नहीं भुलना। यह सब उसकी आदतों में था।
फिलहाल होनू नाम का एक खतरनाक गैंडे टाइप का पहलवान से रोजर्स ने चुनौती ले रखी थी। मरीना बीच पर उसके दो ही काम होते थे। बाकी लड़कों की तरह मौज मस्ती करना और बेमतलब लोगों से पंगा लेना, जो अब उस पर भारी पड़ता दिख रहा है। होनू इस बीच का सबसे डेंजरस आदमी था।
पुरी भीड़ होनू होनू चिल्ला रही थी।
"OH Guys" भीड़ में कोई भी रोजर्स का नाम नहीं ले रहा था तो रोजर्स आसपास के लोगों को देख कर बोला"just shame on you..., तुम सब लोग एक ऐसे आदमी का साथ दे रहे हो जो अभी कुछ ही देर में हारने वाला है" उसके सामने चुनौती बड़ी थी पर फिर भी कॉन्फिडेंस हाई लेवल पर था।
ऊऊऊऊऊऊ भीड़ उसे चिढ़ाने लगी।
" stupid, तो फिर लगी शर्त, इफ आई विन यू..." उसने भीड़ की तरफ़ उंगली की" इफ आई विन यू ऑल गिव मी 10 डॉलर एवरीवन"
आस पास खड़े सभी लोग अपनी जैब से $10 का नोट निकाल लिए और उसे हवा में लहराने लगे।
रोजर्स कुछ नीचे झुकता हुआ अपने सामने खड़े गेंडे पहलवान होनु को देखता है, वह उसकी अगली होने वाली चाल पर नजर रख रहा था। शुरू से ही रोजर्स की यही लड़ने की तकनीक थी। वह सामने वाले को सामने वाले की चाल में फंसा कर नीचे गिरा देता है। ( मरीना बीच पर लड़ाई का मतलब सामने वाले को सिर्फ नीचे गिराना होता है ना कि उसे मारना पटकना)
जैसा कि उसने सोच रखा था वैसा ही हुआ। सामने वाला मोटा गेंडा पहलवान नीचे झुकते हुए रोजर्स पर झपटा। रोजर्स अपनी कुशल फुर्ती का परिचय देते हुए उसकी टांगों से सिवीप करता हुआ उसके पीछे चला ऊ और वहां से खड़ा होकर उसकी गर्दन में हाथ डाल उसे पीछे की ओर गिराने की कोशिश की। पर पहलवान का भार इतना था कि वह टस का मस ना हुआ। रोजर्स ने एक और कोशिश की पर फिर वही परिणाम पहलवान वहीं का वहीं खड़ा था। अब वह पहलवान पलटा और पलट कर रोजर्स की इस हरकत पर हंसने लगा। पहलवान भी सोच रहा होगा उसने इतनी बॉडी क्या रोजर्स की सिर्फ इस छोटी सी ट्रिक के लिए बनाई थी। लगभग 130 किलो वजन था पहलवान का।
" shit...." रॉजर्स बड़ी मुश्किल से पहलवान की कंधे तक आ रहा था " i totally gonna to kill by you....dude...never fuke a small guys which like your small tiny brother" रोजर्स बोला पर पहलवान कहां सुनने वाला था उसने रोजर्स को कंधों से पकड़ा और उसे हवा में उठा लिया। अब देरी सिर्फ उसे जमीन पर गिराने की थी पर पहलवान ऐसा नहीं करने वाला था। भीड़ को मज्जे जो दिलाने थै। बॉडी तो रोजर्स की भी कम नहीं थी पर उस पहलवान के आगे वह थोड़ा कमजोर था।
पहलवान उसे हवा में लटका कर भीड़ में घूमने लगा। साथ ही साथ वह हंस भी रहा था और भीड़ को भी हंसने के लिए कह रहा था। रोजर्स इसी बीच अपनी अगली योजना पर तैयारी कर रहा था पर उसकी प्लानिंग में कुछ खास नहीं था। पहलवान ने उसे कंधों से पकड़ रखा था ऐसे में उसके हाथ और पैर अगला हमला करने के लिए सुरक्षित थे। रोजर्स ने वैसा ही किया। उसने अपने हाथों से मोटे पहलवान के दोनों कान पकड़े और अपना सर जोर से उसके सर से भिड़ा दिया। टककर जोरदार थी। एक पल तो पहलवान को जैसे तारे से दिख गए तो दूसरे ही पल रोजर्स उसकी पकड़ से छूट गया। ज्यादा देरी ना करते हुए रोजर्स ने वापिस सिवीप किया और उसके पैरों से निकल कर पीछे आते हुए पास पड़े एक टेबल का सहारा ले हवा में छलांग लगा दी। हवा में कुदते हुए उसने एक मोमेंटम क्रिएट किया और उस मोमेंटम से उसके सर पर जा सवार हुआ। ऊंचाई और मोमेंटम ज्यादा होने की वजह से मोटे पहलवान को आगे की ओर एक धक्का लगा और इस धक्के से वह सीधे औंधे मुंह जमीन पर जा गिरा। रोजर्स जीत गया। भीड़ में उसकी वाही-वाही होने लगी। उसका छोटा कमजोर दोस्त जो अब तक शांत खड़ा था वह भी आगे आकर रोजर्स रोजर्स चिलाने लगा और आसपास के लोगों से सो $10 के नोट इकट्ठा करने लगा।
थोड़ी ही देर बाद भीड़ हट गई। उसका दोस्त सारे पैसे इकट्ठा कर चुका था। दोनों का यह रोज का काम था।
"ओर मुन्ना .....किते बने" रोजर्स ने चमकते हुए अपने मरियल दोस्त को देखा। दोनों एक कार की बोनट पर बैठे हुए थे।
"130..."
" बस... भीड़ तो बहुत ज्यादा थी"
"सब भाग गए ...."
"होशियारी..!! मुझसे होशियारी!! एक जासूस से होशियारी!! ला सारे निकाल"
" मैं सच कह रहा हूं। इतने ही बने थे।"
"अच्छा!! तो यह तुम्हारी बाईं पॉकेट में 40 डोलर है वो कहां से आए!!"
" म म मेरी बाय पॉकेट में।।" उसका मरियल दोस्त हडबड़ा गया "सच्चाई पकड़ी गई। पर कैसे?
"यार तुम्हें क्या लगता है। जासूस में छोले बेचकर बना था, या मुझे अपने पापा की वजह से यह पोस्ट मिली। नहीं बेटा नहीं। कुछ टैलेंट है तभी यहां पर हूं । चल निकल सारे निकाल।"
उसका मरियल दोस्त सारे डाॅलर निकाल कर उसके आगे रख देता है। रोजर्स ने उसके तीन हिस्से किए।
" यह एक हिस्सा मेरा...यह एक हिस्सा तुम्हारा" रोजर्स ने दो हिस्से तो कर लिए पर तीसरे हिस्से के वक्त वह चुप हो गया।
" और यह तीसरा हिस्सा!! वह किसके लिए??"उसके मरियल दोस्त ने तीसरे हिस्से को देखकर कहा।
"यह हिस्सा चिन शु के लिए हैं"रोजर्स ने जवाब दिया।
"चिनु!! यह चिनु कोन है।"
"चिनु नहीं...चिन शु। एक अनाथ लड़की है उसका इस दुनिया में कोई नहीं। कुछ दिन पहले कुछ गुंडों से लड़ रहा था वहीं पर मिली थी तब से उसकी देखरेख का जिम्मा मैंने संभाल रखा है। गूंगी हे बोल नहीं सकती इस वजह से यह पता लगाना भी मुश्किल हो रहा हैं कहां से है। पढ़ना लिखना भी नहीं आता तो वह लिख कर भी नहीं बता सकती।"
"यह तो बहुत चिंता की बात है।"
"हां वह तो है.. पर मैंने उसकी फाइल्स स्पेस अकैडमी को सौंपी है। जल्दी उसका पता लगा जाएगा उसके बारे में"
दोनों अभी बातें कर रहे थे की दूर से उन्हें तीन चार ऑफिसर उनकी तरफ आते हुए दिखे। यह स्पेस अकैडमी के ही एजेंट थे। ऑफिसर ने पास आते ही रोजर्स को सैल्यूट किया। रोजर्स का पद बड़ा था। सैल्यूट करने के बाद उन ऑफिसर्स में से एक ऑफिसर्स ने एक टेब बाहर निकाला और बोला
"सर... एक संदेश है और विलियमसन सर के सख्त आदेश है कि आप इसका पालन करें। एक मिशन है। न्यूयॉर्क की स्टिक ऑफ कैंब्रिज में एक ट्रेन दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना की शुरुआती जांच की जिम्मेदारी आपकी है। सर के सख्त आदेश हैं कि आप अभी से इस केस पर लग जाएं और जितने भी शुरुआती आंकड़े हैं वह उपलब्ध करवाएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि अगर किसी भी तरह की लापरवाही हुई तो आपको स्पेस एकेडमी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। उन्होंने मुझे खास तौर पर आपको यह कहने के लिए बोला है की सुधर जाओ वरना अंजाम महंगा होगा मैं तुम्हारा बाप हूं और तुम्हारा बॉस भी। अबकी बार नहीं माने तो स्पेस अकैडमी में घुसने नहीं दूंगा। सर इसमें जो बाप वाले लफ्ज़ है मैंने इस्तेमाल नही किए हैं। धन्यवाद।" ऑफिसर्स ने अपनी बात खत्म की।
" पापा को थैंक्स बोलना, तुम लोग जा सकते हो" रोजर्स ने ऑफिसर को जाने का इशारा किया जिसके बाद ऑफिसर वहां से निकल गया " चल बेटा लग जा काम पर, अबकी बार तो पापा ने भी लेनी कर रखी है, यह स्टिक ऑफ केब्रिज कितनी दूर है यहा सें , चल चलें"
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