Let check the accident place
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लगभग रात के 1:30 बजे।
देर रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी। लगभग 10:00 बजे के आसपास बारिश शुरू हो गई होगी और बारिश भी ऐसी कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। गली मोहल्लों इत्यादि में पानी सड़कों पर ऐसे गुजर रहा था जैसे किसी नदी से गुजरता है। ऐसे में जिस जगह पर ट्रेन वाली दुर्घटना हुई थी वह जगह पानी से भरी हुई थी। जगह के आसपास पीली पट्टियां बंधी हुई थी जो लोगों को उसके अंदर ना जाने का संकेत दे रही थी। आस पास भरपूर अंधेरा था बस कुछ बल्ब ही थे जो कभी जग रहे थे तो कभी बुझ। लगातार हो रही बारिश के कारण उनमें स्पार्क हो रहा था। जगह के आस-पास खामोशी वाला सन्नाटा फैला हुआ था। दूर दूर तक देखने पर भी कोई दिखाई नहीं दे रहा था। हल्की बूंदाबांदी अभी भी चल रही थी।
लगभग आधे मिनट बाद रोजर्स और उसके साथी की गाड़ी वहां आकर रुकी। वह दोनों दुर्घटना स्थल का मुआयना करने आए थे। रोजर्स के लिए दिन-रात कोई मायने नहीं रखता उसका जब मन होता है वह काम के लिए निकल जाता है यही वजह है कि वह इस वक्त रात के 1:30 बजे भी यहां पर था। उसके हाथ में कुछ उपकरण थे जो हमेशा उसके साथ रहते हैं। यह उपकरण आसपास की जगह को स्कैन करने, मिले हुए सबूत को उसमें रखने तथा कुछ हथियारों से लैस थे।
इस वक्त ट्रेन की छत से टपक टपक पानी नीचे बरस रहा था। ट्रेन की हालत काफी बिगड़ी हुई थी। ट्रेन की चद्दर पूरी तरह से फट चुकी थी तो उसका इंजन भी पूरी तरह से जला हुआ था।
आसमान में ठहर ठहर कर बिजली कड़क रही थी। बादल की गर्जना भी साफ सुनाई दे रही थी। एक लंबा ओवरकोट पहने रोजर्स और उसका दोस्त कार से कुछ दूर आए। उन्होंने हाथ जेब में डाले और एक टॉर्च निकाल उसे जगाया। टॉर्च के जगाने के बाद आसपास की जगह दिखने लगी।
"हालात तो बहुत नाजुक लगते हैं,देखने से तो ऐसा लग रहा है जैसे जहां हजारों लोगों की भीड़ के बीचो बीच कोई तांडव नृत्य हुआ हो।" रोजर्स इधर उधर देखते हूए बोला"आसपास की दीवारें छतिग्रस्त है, ऐसे लग रहा है जैसे इन दीवारों के साथ कोई चमेली डांस कर रहा हो। " रोजर्स की पैनी निगाहें इलाके को चारों तरफ से घूर रही थी।
हालात ही कुछ ऐसे थे कि रोजर्स को ना चाहते हुए भी यह शब्द बोलने पड़े। जगह देख कर तो ऐसे लग रहा था जैसे यहां पर कोई विश्व युद्ध लड़ा गया हो।
"सबूत वबूत तो क्या बचा होगा, इसे पहले भी 15 टीम आकर इस जगह को देख चुकी है ऊपर से जो भी बचा होगा वह इस बारिश के पानी ने खराब कर दिया। " उसके दोस्त ने उसकी बात में बात मिलाई।
"नहीं बरखुरदर, गलत बात" रोजर्स की नजर जमीन पर पड़े एक पॉलीथिन थैली पर पड़ी" एक जासूस के लिए मामूली से मामूली चीज भी सबूत का काम कर देती है, शेरलॉक होम लेस की कहानियों में वह एक मिट्टी के कण मात्र से अपराधी को पकड़ लेता था ऐसे में तुम जासूस की काबिलियत का अंदाज़ा नहीं लगा सकते " रोजर्स ने लिफाफे को इधर-उधर पलटा और उसे वापस फेंक दिया। "यह टीम भी ना पता नहीं कब खाना यहां खाना बंद करेंगी, चलो आओ आगे देखे।"
रोजर्स और उसका दोस्त दोनों आगे की ओर बढ़े। जल्द ही उनके हाथ ट्रेन की चादर को छू रहे थै।
"दिलचस्प, ट्रेन की चादर तो बहुत मजबूत हैं। वैसे उस आदमी का नाम क्या था जो मरा??" रोजर्स ने अपनी बात कही
"सतीश विजयवर्गीय, पर भाई , कहा जा रहा है कि वह मरा नहीं उसे मारा गया है। लेकिन लोगों की गवाही के अनुसार और पिछले टीमों की कार्रवाई के हिसाब से यहां किसी तरह के ऐसे तथ्य होने की पुष्टि नहीं हुई है जिससे यह साबित हो सके। लोगों का कहना है कि उन्होंने तो कुछ देखा ही नहीं, ट्रेन में एकदम से भगदड़ मच गई थी"
"और यह भगदड़ कैसे मची??"
" ट्रेन का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम कुछ देर के लिए खराब हो गया था, इससे ट्रेन की स्पीड ओवर लोड हो गई और लोगों में डर का माहौल बन गया। तभी यह भगदड़ मची"
अपने दोस्त की बात का जवाब दे रोजर्स ने अपने कदम ट्रेन के अंदर बढ़ाए। वह दरवाजे से अंदर की ओर गुस्सा ही था जहां उसे फर्श पर पानी बिखरा हुआ मिला।
"वह देखो," रोजर्स का दोस्त बोला। उसने किसी चीज की ओर इशारा किया था "वहां उस बंदे की लाश पड़ी थी" वो एक निशान था जिसे अक्सर लाश के इर्द-गिर्द बना दिया जाता है।
रोजर्स की नजर भी उस निशान की ओर घूमी"हर इंसान के हाथों में चार उगलियां ही होती है, और पांचवें चीज हमेशा अंगूठा होती है। अगर किसी ने कहा इस आदमी का कत्ल हुआ है तो उसकी बात में दम हो सकता है"
रोजर्स ने अपने हाथ से उस निशान को छुआ और उसे रगड़ कर देखा"इंटरनेट पर इसके बारे में क्या खबर है" रोजर्स ने सवाल पूछा।
रोजर्स के सवाल पूछते ही उसके दोस्त ने अपने बैग से लैपटॉप निकाला और कुछ सर्च करने लगा।
"इंटरनेट पर उपलब्ध डाटा के हिसाब से लोग इस घटना को कलयुग के पहले प्रलयकारी मौसम की शुरुआत होने का बता रहे हैं। उनके हिसाब से कलयुग अब ऐसे मोड़ पर आ चुका है जहां दानवी शक्तिया मजबूत होगी और वह इस संसार पर कब्जा करने की कोशिश करेंगी। "
"ओहो क्या बकवास है"
"इसमें यह भी लिखा है यह दानवी शक्तियां अंधेरे की प्रतीक होगी और अंधेरे के माध्यम से रोशनी को खत्म कर अंधेरे का राज इस पूरे संसार और ब्रह्मांड पर कायम करेगी और उन्हें इससे रोकने वाला कोई नहीं होगा भी नहीं। रोशनी के रक्षक खत्म हो चुके हैं ऐसे में कोई और दूसरी उम्मीद भी नहीं"
"क्या तुम सतीश विजयवर्गीय के बारे में ही पढ़ रहे हो" रोजर्स ने पूछा। उसका दोस्त जो भी बता रहा था वह कुछ अटपटी बातें थी।
"हां, पता नहीं किसने इसके केस में यह सब लिखा"
रोजर्स ने कुछ देर और मुआयना किया और फिर दोनों बाहर की ओर चले गए। अभी तक उनके हाथ कुछ खास लगा नहीं जिसकी सहायता से वह इस केस में आगे की कड़ी को खोल सके।
"भाई कंट्रोल रूम से एक मैसेज आ रखा है" उसके दोस्त ने कुछ समय बाद स्क्रीन को देख कर जवाब दिया"कोई निधि नाम की एजेंट न्यूयॉर्क पहुंच चुकी है उसी के बारे में बता रखा है"
"निधि !!यह कौन है? " रोजेस ने उत्साहपूर्वक पूछा
"इंडिया की एजेंट है, फोटो भी दे रखी है। फोटो देखकर तो मस्त माल लगता है । जबरदस्त है । अब तक ऐसा कोई केस नहीं जिसे वह साल्व नहीं कर सकी"
"अच्छा बेटा, लगता है इसने बहुत बड़े बड़े तीर मार रखे हैं । इंडिया की है क्या ? "
"हां"
"तो यहां क्या कर रही है, इंडिया में काम नहीं मिला क्या" रोजर्स ने अपने दोस्त की आंखों में आंखें मिलाते हुए कहा। दरअसल उसका इरादा कटाक्ष करने का था।
"वह इंडिया की नंबर वन एजेंट है, इसीलिए उसे यहां भेजा है"
"क्यों, क्या इंडिया वालों को हमारी काबिलियत पर विश्वास नहीं?"
"नहीं उन्हें लगता है कि निधि इस केस को जल्दी सॉल्व कर देगी"
"हां देख लेंगे इस निधि को भी, इसे तो अजमाना पड़ेगा पता तो चले इसकी काबिलियत क्या है??"
"उसकी बायोग्राफी चेक करता हूं"दोस्त बोला और उसने फटाक से दूसरे ऑप्शन निकाले।
"बाप रे बाप"उसका दोस्त निधि के बायोग्राफी देखते ही चौंक गया"स्टेटस तो देखो लड़की का!! क्या डाल रखा है, लिखा है
*मैं समंदर की गहराई में डुबना चाहती हूं, रेगिस्तान की रेत में खोना चाहती हूं कुछ इस कदर कि खुद को ढूंढने पर भी ना मिलुं*
"यह भला क्या है"रोजर्स चकित और थोड़ी मिले-जुले अंदाज वाली प्रतिक्रिया में बोला"यह लड़कियां पागल ही होती है ऐसे ही कुछ भी लिख देती है, चल छोड़ आ हम केस पर ध्यान दें"
रोजेस ने बिना एक पल निधि की बातों पर ध्यान दिए अपनी बात कही और दोस्त को लैपटॉप बंद करने का इशारा किया। रोजर्स नहीं जानता कि आने वाले समय में निधि क्या कहर बरसाने वाली है जो फिलहाल इस वक्त अपनी जबरदस्त नींद में खोई हुई है।
दोनो ट्रेन से निकल कर बाहर के परिदृश्य की ओर बढ़े ।सामने कुछ दुकाने नजर आ रही थी जो अभी बंद थी। दुकानों पर अलग-अलग तरह के नाम लिखे हुए थे। गिफ्ट कॉर्नर, आइसक्रीम पार्लर इत्यादि। वहां एक चाय वाली टूटी सी दुकान भी थी जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया। रोजर्स और उसके दोस्त ने भी उस दुकान को ऐसे ही छोड़ दिया और आगे बढ़ एक टूटे कांच वाली दुकान के सामने जाकर खड़े हो गए।
"वैसे उस गवाह का क्या नाम था जिसने कहा कि उसका कत्ल हुआ है" रोजर्स ने पूछा
"सुप्रिया विजयवर्गीय, वह इसकी पत्नी थी"
"ठीक ठीक" रोजर्स ने अपनी गर्दन हिला दी।"और उसका पेशा क्या था??" रोजर्स ने अगले ही पल दूसरा सवाल पूछा
"वो एक साइंटिस्ट था और एक साथ चार कंपनियों में रिसर्च का काम कर रहा था" उसके दोस्त ने जवाब दिया।
"यह मजेदार बात है। क्या उस में इतनी काबिलियत थी कि वह एक साथ चार कंपनियों में काम करता था??" रोजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
"हां, काबिलियत तो थी। सतीश विजयवर्गीय ने अपनी पीएचडी की डिग्री ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ली थी। वहां उसने एडवांस टेक्निकल गैजेट्स बनाने का रिकॉर्ड बनाया था"
"क्या बात है" रोजर्स ने तारीफ में कहा इसके बाद रोजर्स एक पल ठहरा और वापिस बोला"चलो आज का मुआयना तो पूरा हुआ। यहां कुछ भी खास नहीं जिससे हम आगे की कड़ी का पता लगा सके। कल हम उन चारों कंपनियों से बात करेंगे जहां वह काम करता था, और फिर सुबह इंडिया की उस खास एजेंट से भी मुलाकात करनी है"
"वाव सची में" रोजर्स की बात सुनते ही उसके दोस्त की आंखें खुशी से भर आई"मेरा तो उससे मिलने का बहुत मन कर रहा है"
"बस कर बेटा । एक दिन में ही बदल गया अभी तो मिले ही नहीं उससे!!! चल चलें "
इसके बाद दोनों अपनी गाड़ी की ओर निकल गए । गाड़ी की ओर जाते वक्त उन्होंने पीछे मुड़कर पूरी जगह को एक बार फिर से देखा और इसके बाद गाड़ी में बैठ वहां से चले गए।

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